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सीएसआईआर-सीरी में सीएसआईआर प्‍लैटिनम जयंती टेक्‍नोफेस्‍ट का आयोजन

भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े अनुसंधान संगठन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की राजस्‍थान में स्थित राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला – केंद्रीय इलेक्‍ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्‍थान (सीएसआईआर-सीरी) में सीएसआईआर प्‍लैटिनम जयंती (75 वर्ष पूर्ण करने) के उपलक्ष्‍य में 16-18 अगस्त, 2017 के दौरान आयोजित की जा रही ‘‘सीएसआईआर प्‍लैटिनम जुबिली टेक्‍नोफेस्‍ट’’ का उद्घाटन संस्‍थान के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधुरी ने किया। इस अवसर पर बिट्स-पिलानी के कुलपति प्रोफेसर सौविक भट्टाचार्य और निदेशक डॉ. ए. के. सरकार, बीकेबीआईईटी-पिलानी के निदेशक डॉ. पी. एस. भटनागर, बिरला बालिका विद्यापीठ की प्रधानाचार्या डॉ. एम. कस्‍तूरी, सीरी विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य श्री सुनील शर्मा एवं संस्‍थान के वैज्ञानिक व सहकर्मी तथा मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थि‍त थे।

सीएसआईआर प्‍लैटिनम जयंती टेक्‍नोफेस्‍ट का उद्घाटन करते हुए प्रोफेसर शांतनु चौधुरी,  निदेशक, सीएसआईआर-सीरी

उद्घाटन के उपरांत प्रोफेसर शांतनु चौधुरी ने अतिथियों को टेक्‍नोफेस्‍ट के सभी स्‍टॉल्‍स का परिदर्शन कराया और सीएसआईआर- प्रयोगशालाओं की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि सीएसआईआर की शोध गतिविधियों की जानकारी देने के उद्देश्‍य से आयोजित किया जा रहा यह टेक्‍नोफेस्‍ट/प्रदर्शनी आगामी तीन दिनों तक मीडिया व शिक्षण संस्‍थानों सहित जनसाधारण के लिए भी खुला रहेगा।  उन्‍होंने भारत सरकार के स्‍वच्‍छ भारत-स्‍वस्‍थ भारत, स्किल डेवलपमेंट तथा मेक-इन-इंडिया कार्यक्रमों की सफलता की दिशा में संस्‍थान और सीएसआईआर द्वारा किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी। प्रोफेसर चौधुरी ने इस अवसर पर मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए कहा कि सीएसआईआर की स्‍थापना वैज्ञानिक तथा औद्योगिक दृष्टि से देश को स्‍वावलंबी बनाने तथा अपने अनुसंधानों द्वारा देश के उद्योग जगत को संबल प्रदान करने के उद्देश्‍य से 26 सितंबर 1942 को की गई और आगामी 26 सितंबर को सीएसआईआर अपनी स्‍थापना के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि प्‍लैटिनम जयंती के उपलक्ष्‍य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में सीएसआईआर  अपनी सामाजिक व अन्‍य शोध उपलब्धियों की जानकारी जनता को देने के लिए अपनी राष्‍ट्रीय प्रयोगशालाओं में इस टेक्‍नोफेस्‍ट का आयोजन कर रहा है।

टेक्‍नोफेस्‍ट में विडियो स्‍क्रीन पर सीएसआईआर की शोध गतिविधियॉं देखते हुए अतिथि

टेक्‍नोफेस्‍ट में सीएसआईआर की शोध गतिविधियों की जानकारी लेते हुए अतिथिगण

इस अवसर पर बिट्स कुलपति प्रोफेसर सौविक भट्टाचार्य ने कहा कि पिलानी जैसे छोटे नगर में सीएसआईआर की सभी प्रयोगशालाओं के शोध कार्यों की जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया यह कार्यक्रम प्रशंसनीय है। इससे न केवल पिलानी व राजस्‍थान के अन्‍य क्षेत्रों के छात्र अपितु अन्‍य नागरिक भी लाभान्वित होंगे।  डॉ ए के सरकार, निदेशक, बिट्स-पिलानी ने सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं द्वारा किए जा रहे शोध कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि सीएसआईआर-सीरी जैसा प्रतिष्ठित शोध संस्‍थान पिलानी में स्थित है। उन्‍होंने राष्‍ट्र के वैज्ञानिक व औद्योगिक विकास में सीएसआईआर-सीरी द्वारा दिए जा रहे योगदान की प्रशंसा की। बिरला बालिका विद्यापीठ की प्रधानाचार्या डॉ (श्रीमती) एम. कस्‍तूरी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को न केवल देश में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी देते हैं अपितु उन्‍हें वैज्ञानिक शोध को कैरियर के रूप में अपनाने की ओर आकर्षित भी करते हैं।   उन्‍होंने पिलानी में इस टेक्‍नोफेस्‍ट के आयोजन के लिए सीरी के निदेशक प्रोफेसर शांतनु चौधुरी व उनकी टीम की सराहना की। अतिथियों ने विजि़टर डायरी में टेक्‍नोफेस्‍ट के आयोजन के संबंध में अपने विचार (फीडबैक) भी दर्ज किए।

सीएसआईआर प्‍लैटिनम जयंती टेक्‍नोफेस्‍ट में आए विद्या‍र्थियों व अन्‍य आगंतुकों को जानकारी देते हुए वैज्ञानिक-सहकर्मी

स्‍कूल-कॉलेजों व अन्‍य संस्‍थानों के विद्यार्थियों तथा सामान्‍य नागरिकों ने किया शोध कार्यों का अवलोकन

सीएसआईआर-सीरी पिलानी में आयोजित किए जा रहे इस तीन दिवसीय ‘‘सीएसआईआर प्‍लैटिनम जुबिली टेक्‍नोफेस्‍ट’’ में छात्र-छात्राओं व सामान्‍य नागरिकों ने न केवल सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के शोध कार्यों की जानकारी प्राप्‍त की और अपना ज्ञानवर्द्धन किया। संस्‍थान के स्‍पोर्ट्स कॉम्‍प्‍लेक्‍स में स्थित गाँधी हॉल में आयोजित किए गए इस तीन-दिवसीय टेक्‍नोफेस्‍ट में देशभर में फैली सीएसआईआर की 38 राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं के प्रमुख शोध कार्यों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में सीएसआईआर की राष्‍ट्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा अर्जित उपलब्धियों व शोध गतिविधियों – एयरोस्‍पेस व सामरिक क्षेत्र, इंजीनियरिंग व बुनियादी ढॉंचा, कृषि व पुष्‍पकृषि, रसायन व पेट्रोकैमिकल्‍स, पारिस्थितिकी व पर्यावरण, ऊर्जा, जल, इंजीनियरिंग, खाद्य व पोषण, जेनेरिक्‍स तथा हेल्‍थकेयर, पदार्थ व खनिज एवं खनन, चर्म(लेदर), बौद्धिक संपदा व उद्यमशीलता, सीएसआईआर-800(सामाजिक प्रभाव), सीएसआईआर में मानव संसाधन का संवर्धन आदि क्षेत्रों में अर्जित उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। आगंतुकों को जानकारी देने के लिए विडियो स्‍क्रीन डिस्‍प्‍ले की व्‍यवस्‍था भी की गई थी।  प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों ने टेक्‍नोफेस्‍ट व विडियो स्‍क्रीन डिस्‍प्‍ले की बहुत सराहना की। उन्‍होंने बताया कि सीरी की यह प्रदर्शनी देखने का अनुभव किसी मेट्रो शहर की प्रदर्शनी से कम नहीं है।

दूसरे दिन (17 अगस्‍त) भी सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।  संस्‍थान के मुख्‍य वैज्ञानिक प्रोफेसर राज सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि देश की वैज्ञानिक और औद्योगिक प्रगति में सीएसआईआर प्रयोगशालाओं व संस्‍थानों की महत्‍वपूर्ण भूमिका है। उन्‍होंने कहा कि इस टेक्‍नोफेस्‍ट के आयोजन का उद्देश्‍य देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े शोध संगठन ‘सीएसआईआर’ के बारे में आम जनमानस को अवगत कराना है। उन्‍होंने बताया कि सीएसआईआर की प्‍लैटिनम जयंती के उपलक्ष्‍य में सीएसआईआर की कुछ प्रयोगशालाओं में यह आयोजन अलग-अलग तिथियों में किया जा रहा है। इसी क्रम में हम यह आयोजन 16-18 अगस्‍त के दौरान कर रहे हैं।

टेक्‍नोफेस्‍ट में आने वाले स्‍कूली व अन्‍य विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासावश संस्‍थान के वैज्ञानिकों से प्रश्‍न पूछे और अपना ज्ञानवर्धन किया। अपने फीडबैक में छात्रों ने इसे अत्‍यंत लाभदायक बताया और कुछ ने भविष्‍य में शोध क्षेत्र को अपने कैरियर के रूप में अपनाने की बात कही।  अध्‍यापकों ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ती है अपितु वे इंजीनियरिंग व चिकित्‍सा के अतिरिक्‍त अनुसंधान के क्षेत्र में भी अपना कैरियर बना कर देश की सेवा कर सकते हैं। कुछ शिक्षकों व विद्यार्थियों ने कहा कि पिलानी जैसे छोटे स्‍थान पर सीएसआईआर की सभी राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं के शोध कार्यों की जानकारी प्राप्‍त होना अद्भुत है। संस्‍थान के वैज्ञानिकों ने कहा कि टेक्‍नोफेस्‍ट में आए दर्शकों विशेषकर विद्यार्थियों को सीएसआईआर के शोध कार्यों के बारे में बताते हुए बहुत अच्‍छा लगा। उन्‍होंने कहा कि बच्‍चों ने बड़े ध्‍यान से बातों को सुना और अपना ज्ञान बढ़ाया ।

सीएसआईआर प्‍लैटिनम जुबिली टेक्‍नोफेस्‍ट का समापन

 तीन दिवसीय ‘‘सीएसआईआर प्‍लैटिनम जुबिली टेक्‍नोफेस्‍ट’’ का समापन 18 अगस्‍त 2017 को हुआ। टेक्‍नोफेस्‍ट के संयोजक श्री पीवीएल रेड्डी, मुख्‍य वैज्ञानिक ने कहा कि टेक्‍नोफेस्‍ट में पिलानी और निकटवर्ती क्षेत्रों के शिक्षण संस्‍थानों के 1400 से अधिक स्‍कूली व अन्‍य छात्र-छात्राओं और लगभग 250 अन्‍य नागरिकों ने सीएसआईआर के शोध कार्यों का अवलोकन किया। अंत में श्री रेड्डी ने आयोजन के सह संयोजक श्री प्रमोद तँवर एवं श्री विनोद वर्मा और टेक्‍नोफेस्‍ट में सहयोग करने वाले सभी सहकर्मियों के प्रति आभार व्‍यक्‍त किया।