विज्ञान – गाँव की ओर

कार्यक्रम का संक्षिप्‍त परिचय

विज्ञान किसी भी देश की प्रगति का आधार होता है। किसी भी राष्‍ट्र की समृद्धि उसकी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की समृद्धि पर आधारित होती है। सीएसआईआर ने भी अपनी 38 राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं के माध्‍यम से देश के विज्ञान और उद्योग जगत को समृद्ध करने के साथ-साथ जनसामान्‍य के जीवन को भी सुविधा संपन्‍न बनाने में अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिलानी स्थित राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला (CSIR-CEERI) ने अपने अनेक अनुसंधानों और वैज्ञानिक क्रियाकलापों से देश के उद्योगों और जनमानस को लाभान्वित किया है।

अपने सामाजिक उत्‍तरदायित्‍वों के प्रति भी सीरी पूर्णतया सजग है। अपनी सामाजिक जिम्‍मेदारी समझते हुए इस कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ पी सी पंचारिया, निदेशक, सीएसआईआर-सीरी ने ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को तकनीकी जानकारी प्रदान करने के माध्‍यम से सहयोग करने का निर्णय लिया है। इसी उत्‍तरदायित्‍व का निर्वहन करने और विज्ञान को गाँवों व ग्रामीण जनमानस तक पहेुँचाने के लिए सीरी संस्‍थान राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 28 फरवरी, 2021 को कार्यशाला के माध्‍यम से ‘विज्ञान – गाँव की ओर’ अभियान का शुभारंभ करने जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला में कार्यक्रम के उद्देश्‍यों व लक्ष्‍यों से अवगत कराने के लिए एक कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें झुंझुनूँ जिले के सभी प्रधान और पिलानी पंचायत के सभी सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत सीएसआईआर-सीरी में झुंझुनूँ जिले के संबंधित सरपंच/ग्राम प्रधान द्वारा नामित कक्षा 10 और उससे अधिक के छात्र-छात्राएँ व अन्‍य बेरोजगार व्‍यक्तियों को दो सप्‍ताह का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एयरकंडीश्‍नर व फ्रिज, मोटर वाहन, बिजली और मोटर वाइंडिंग ट्रेड्स में दिया जाएगा। प्रशिक्षार्थियों के लिए यह प्रशिक्षण पूर्णतया निशुल्‍क होगा जिसमें प्रशिक्षार्थियों को संस्‍थान के इंजीनियरों एवं प्रशिक्षित कार्मिकों द्वारा उपर्युक्‍त विषयों पर उपयोगी जानकारी दी जाएगी जिससे वे विषय की सामान्‍य जानकारी प्राप्‍त कर सकें और स्‍वरोजगार के लिए प्रेरित हो सकें।

अपनी सामाजिक जिम्‍मेदारी का निर्वहन करते हुए संस्‍थान द्वारा ग्रामीण समाज के उत्‍थान का प्रयास करने के उद्देश्‍य से आरंभ किया जा रहा है जिसके अंतर्गत युवाओं व बेरोजगारों में सामान्‍य ज्ञान-विज्ञान का प्रसार किया जाएगा और उन्‍हें स्‍वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के लिए नामांकन हेतु गाँवों के कक्षा दस तक की शिक्षा प्राप्‍त बेरोजगारों के साथ-साथ अन्‍य इच्‍छुक व्‍यक्ति अपने सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों से संपर्क करें।

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