कॉग्निटिव कम्प्यूटिंग (संज्ञानात्मक कम्प्यूटिंग)

कॉग्निटिव कम्प्यूटिंग समूह के कोर अनुसंधान क्षेत्र कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस (अभिकलनात्मक तंत्रिका विज्ञान), कंप्यूटर विजन, मशीन अभिगम, कृत्रिम बुद्धिमता, बीसीआई, और सीपीएस में डाटा सुरक्षा। हाल ही में, समूह ने कई उद्योगों और क्रियान्वित करने वाली सहयोगी अनुसंधान एवं विकास परियोजानों के साथ कंप्यूटर विजन और वीडियो एनालिटिक्स से जुड़े अत्याधुनिक (स्टेट ऑफ द आर्ट) अनुसंधान एवं विकास समस्याओं को सुलझाने के लिए टाई-अप किया है। भविष्य में, यह समूह सीपीएस के निम्नलिखित बड़ी अनुसंधान चुनौतियों को दूर करेगा:-

  • भौतिक जागरूकता: साइबर-भौतिक प्रणालियों की मुख्य क्षमता वस्तुओं और भौतिक वातावरण (भौतिक जागरूकता) का पता लगाना और पहचानना है। विशेष रूप से, यह अनुप्रयोग परिस्थितियों सहित सभी शामिल प्रौद्योगिकीय एवं मानवीय कारकों और उनकी परिस्थितियों, लक्ष्यों और विकल्पों के परवर्ती विश्लेषण के लिए आधार प्रदान करता है। इसमें शामिल प्रौद्योगिकियाँ संवेदक आंकड़ा निर्वचन और प्रतिरूप अभिज्ञान हैं।
  • पहले से योजना बनाने और भविष्य के बारे में पूर्व-सूचना देने की क्षमता सहित पूर्णत: या अर्द्ध-स्वायत्त व्यवहार: साइबर-भौतिक प्रणालियाँ लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूर्ण या स्वायत्त रूप से कार्य करने में सक्षम होती हैं जो टिपिकली या तो उनके उपयोगकर्ताओं द्वारा सेट किया जाता है या उनकी मौजूदा परिस्थितियों से उत्पन्न होते हैं। इस क्षमता के मुख्य समर्थक पूर्ववर्ती अनुप्रयोगों के अनुभवों और विभिन्न संदर्भों में परस्पर संवाद के आधार पर सीखने की क्षमता से है। मशीन अभिगम और कृत्रिम बुद्धिमता प्रौद्योगिकीय डोमेन हैं।
  • मानव मशीन इंटीरैक्शन: साइबर-भौतिक प्रणालियों द्वारा दिए जाने वाले कुछ बड़े हितलाभ मानव जाति के कार्यों और उद्देश्यों को मदद करने में और उनकी ओर से कार्य निष्पादित करने में होती है। इसी समय, वे स्वायत्त रूप से कुछ निर्णय लेते हैं और कुछ कार्य भी करते हैं और इसलिए मानव व्यवहार और सामाजिक प्रक्रियाओं पर प्रभाव डालते हैं।